Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 97, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 97, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 97 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
यावद्रामाप्रबुद्धस्त्वमाकाशत्रयकल्पना ।
तावदेवावबोधार्थं मया त्वमुपदिश्यसे ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, जब तक आपको ज्ञान नहीं हुआ तभीतक
इन तीनों आकाशों की कल्पना है ओर तभी तक मैं आपको उपदेश देता हूँ