Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 98, Verse 4
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 98, verse 4 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 98 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
अत्रार्थे कथ्यमानं मे चित्ताख्यानमनुत्तमम् ।
ब्रह्मणा यत्पुरा प्रोक्तं श्रृणु रामातियत्नतः ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, इस विषयमें मेरे द्वारा कहे जा रहे
अति उत्तम चित्ताख्यान को, जिसे पहले ब्रह्माजी ने मुझसे कहा था, आप प्रयत्नपूर्वक
सुनिए