Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 99, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 99, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 99 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
मया तान्येव बोध्यन्ते विवेकेन मनांसि हि ।
सततं सुप्रकाशेन कमलानीव भानुना ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे सूर्य निरन्तर
प्रकाश से कमलों को प्रफुल्लित करता है वैसे ही उन्हीं मनों को विवेकरूप मैं प्रबुद्ध करता
हूँ