Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 99, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 99, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 99 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
मत्प्रबोधं समासाद्य मत्प्रसादान्महामते ।
मनांसि कानि चित्तानि गतान्युपशमात्परम् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
हे महामते, उनमें से कई एक मन विवेक के प्रसाद से तत्त्वज्ञानको प्राप्त कर मनोभाव
का नाश होनेसे मुक्ति को प्राप्त हुए हैं