Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 1, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 1, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 1 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
आकाशादपि सूक्ष्मस्य परस्य परमात्मनः ।
सर्वाख्यानुपलम्भस्य कीदृशी बीजता कथम् ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
आकाश से भी सूक्ष्म सम्पूर्ण नामों से रहित परमात्मामें
बीजता कैसी और कैसे हो सकती है ?