Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
मत्पुत्रस्यास्य भगवन्मृत्युः किल न विद्यते ।
तेनेमं मृतमालोक्य जातः संभ्रमवानहम् ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, मेरे इस पुत्र की महाकल्प तक मृत्यु नहीं है
ऐसा मुझे ज्ञात था । इसीलिए उसे मृत देखकर मुझे यह व्यामोह हुआ है