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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 12

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 12

संस्कृत श्लोक

अक्षीणाजीवितं पुत्रं कालो मे नीतवानिति । नियतेर्वशतो देव तुच्छापीच्छा ममोदिता ॥ १२ ॥

हिन्दी अर्थ

हे देव, मेरे पुत्र की आयु अभी क्षीण नहीं हुई है फिर भी काल उसे ले गया, इस प्रकार मेरी तुच्छ इच्छा भगवदिच्छा से उत्पन्न हुई