Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 52
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 11, verse 52 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 52
संस्कृत श्लोक
शाखापुष्पलतापत्रफलकोरकयुक्तयः ।
यथैकस्मिंस्तथा बीजे सर्वदा सर्वशक्तिता ॥ ५२ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे एक बीज में शाखा, फूल, लता, पत्ते, फल, कली की
स्थिति है, वैसे ही परमात्मा में सदा सर्वशक्तिता विद्यमान है