Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 12, Verse 13
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 12, verse 13 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
अल्पमोहात्मिकाः काश्चित्तमेव ब्रह्मवारिधिम् ।
अदृष्टपारभूम्यौघमवलम्ब्य व्यवस्थिताः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
अल्पमोहवाले कोई जीव, जिसकी सीमा नहीं है ऐसी पूर्णतावाले, उसी ब्रह्मरूपी महासमुद्र का समाधि
से अवलम्बन करके स्थित हैं