Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, Verse 14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 13, verse 14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
बहुनात्र किमुक्तेन शब्दसंग्रहकारिणा ।
उत्तिष्ठ भगवन्यामो यत्र ते तनयः स्थितः ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
इस विषयमें केवल शब्दों का श्रवण करानेवाले (न कि तत्त्वप्रदर्शक)
बहुत कथन से क्या लाभ है ? भगवन्, आप उठिये, वहाँ चलें, जहाँ पर आपका लड़का तपस्या में स्थित
है