Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 14, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 14, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 14 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
तमालोक्य भृगोः पुत्रं कालो भृगुमुवाच ह ।
वाक्यमब्धिध्वनिनिभं तव पुत्रस्त्वसाविति ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
उस भृगु के पुत्र को देखकर काल ने भृगुजी से समुद्र के
निर्घोष के तुल्य गम्भीर स्वर से कहा : “यही आपका पुत्र है”