Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 16, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 16, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 16 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
तस्यां प्रविष्टजीवायां पुत्रतन्वां महामुनिः ।
चकाराप्यायनं मन्त्रैः स कमण्डलुवारिभिः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
उस पुत्र के शरीर में जीव के प्रवेश कर लेने पर महामुनि श्री भृगु
ने कमण्डलु के जल के साथ मन्त्रों से उस शरीर का आप्पायन (बढ़ानेवाला अभिषेक) किया