Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 2, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 2, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 2 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
अत्यन्ताभाव एवातो जगद्दृश्यस्य सर्वथा ।
वर्जयित्वेतरा युक्तिर्नास्त्येवानर्थसंक्षये ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
दृश्य के उपशम में अधिष्ठान साक्षात्कार से
दृश्य का सर्वथा बाध होना ही एकमात्र युक्ति हे । इसके सिवा दूसरी युक्ति दुश्यरूप अनर्थके क्षय में
यानी मोक्ष में हे ही नहीं