Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 21, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 21, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 21 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
विज्ञानवादिनो बुद्ध्या स्फुरत्स्वभ्रमपूरया ।
मुक्तिः शमदमोपेता निर्णीय परिकल्पिता ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
विज्ञानवादियों ने अपनी अत्यन्त भ्रम के प्रवाह से पूर्ण
बुद्धि से सांवर्तिक उपद्रव के उपशम ओर इन्द्रिय द्वारो के संवरण से युक्त मुक्ति है, यों निर्णय करके
मुक्ति की कल्पना कर रक्खी है