Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 24, Verse 2

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 24, verse 2 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 24 · श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

स्वाश्रयं प्रथमं देहं कृतघ्ना नाशयन्ति ये । ते कुकार्यमहाकोशा दुर्जयाः स्वेन्द्रियारयः ॥ २ ॥

हिन्दी अर्थ

जो कृतघ्न सर्वप्रथम अपने आश्रयभूत शरीर का नाश करते हैं, पापरूपी धनराशि से सम्पन्न वे स्वेन्द्रियरूपी शत्रुगण अत्यन्त दुर्जय हैं