Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 25, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 25, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
श्रीवसिष्ठ उवाच ।
दामव्यालकटन्यायं भीमभासदृढस्थितिम् ।
श्रृणु राघव तच्छ्रुत्वा यदिष्टं तत्समाचर ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीवसिष्ठजी
ने कहा : हे श्रीरामचन्द्रजी, दाम - व्याल- कट न्याय को और भीम-भास दृढ़ स्थिति को आप सुनिये,
उन्हें सुनकर जो आपको अभिमत हो, उसे कीजिये