Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 27, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 27, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 27 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
तदाकर्ण्याखिलं ब्रह्मा विचार्य स विचारवित् ।
उवाचेदं सुरानीकमाश्वासनकरं वचः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
विचार
करने में कुशल ब्रह्माजी ने वह सब वृत्तान्त सुनकर और विचार कर देव सेना से यह आश्वासनकारी
वचन कहा