Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 27, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 27, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 27 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
दामव्यालकटा यावदनास्था भवसंस्थितौ ।
तावन्न नाम जेयावो मशकानामिवानलाः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
जब
तक दाम, व्याल ओर कट इस संसार में आसक्ति रहित हैं, तब तक जैसे मच्छरों के लिए अग्नि अजेय
होती हे वैसे ही वे आपके अजेय होगे