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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 28, Verse 6

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 28, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 28 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

ववुरसिशरशक्तिमुद्गरौघा मुसलगदापरशूग्रचक्रशङ्खाः । अशनिगिरिशिलाहुताशवृक्षा अहिगरुडादिमुखानि चायुधानि ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

सर्ग की समाप्ति तक युद्ध का ही वर्णन करते हैं। दोनों ओर से तलवार, बाण, शक्ति ओर मुद्गरो के समूह, मूसल, गदा, कुल्हाडे, भीषण चक्र, शंखाकार शस्त्र, वज, पहाड़, शिलाएँ, अग्नि, वृक्ष तथा साँप, गरुड आदि के सदुश मुखवाले अनेक आयुध आकाश में चलने लगे