Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 30, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 30, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 30 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
अनुभूयेतरामन्यां चित्रां योनिपरम्पराम् ।
अद्य मत्स्याः स्थिता राम काश्मीरारण्यपल्वले ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, अन्य
विविध योनिपरम्पराओं का भोग कर अब वे काश्मीर देश के जंगल की तलैया में मछली बनकर स्थित
हैं