Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 32, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
तस्मिन्नेव तदा काले तत्र राजा भविष्यति ।
श्रीयशस्करदेवाख्यः शक्रः स्वर्ग इवापरः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
उसी समय उस महल मेँ स्वर्ग में दूसरे इन्द्र के समान श्रीयशस्कार नाम का
राजा होगा