Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 17
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 32, verse 17 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
दानवो दामनामात्र मशकस्तस्य सद्मनि ।
भविष्यति बृहत्स्तम्भपृष्ठच्छिद्रे मृदुध्वनिः ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
दाम नाम का दानव उसी राजा के महल में विशाल स्तम्भ की पीठ के छेद में मृदु
ध्वनिवाला मच्छर होगा