Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 50
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 32, verse 50 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 50
संस्कृत श्लोक
चिरकालपरिपक्वा सिद्धिः पुष्टफला भवेत् ।
वीतशोकभयायासमगर्वमपयन्त्रणम् ॥ ५० ॥
हिन्दी अर्थ
शोक, भय ओर क्लेश को त्याग कर शीघ्रता के आग्रह को छोडकर शास्त्रानुसार व्यवहार
करना चाहिए अपना विनाश नहीं करना चाहिए