Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 33, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 33, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 33 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
बाध्यते चामलधियामपिशाचे पिशाचधीः ।
शिशूनां तावदाध्वान्तःकरणानां विचारणा ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
निर्मल बुद्धिवाले पुरुषों की अपिशाच में पिशाच बुद्धि बाधित हो जाती है । किन्तु जिनकी बुद्धि
थोडी बहुत मार्ग मे आई हो, ऐसे बालकों को तो हजारों बार यह पिशाच नहीं है, यह उपदेश देने पर भी
संशय होता ही हे । यह पिशाच नहीं है, ऐसा बोध नहीं होता