Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 34, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
तेषां यावदुदेत्यन्तर्ममेदमिति वासना ।
तावत्कोऽयमहं चेति विचाराद्यात्यसत्यताम् ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
उनके हृदय में यह मेरे है, ऐसी वासना जब भी उदित होती थी, तभी यह मैं कौन हूँ, इस प्रकार के विचार
से वह असत्यता को प्राप्त हो जाती थी