Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 37, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 37, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
न चेदं सदसन्नेदं तत्स्थातत्स्थतया चितः ।
नातिरिक्तातिरिक्ता च कटकादिषु हेमता ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
असत् है, किन्तु अनिर्वचनीय है । जैसे कि कटक आदि में सुवर्णता उनसे अतिरिक्त नहीं है और उनसे
अतिरिक्त भी हे