Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 39, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
श्रीराम उवाच ।
भगवंस्तवातिगहनेयं वचनव्यक्तिर्न खल्वद्य वाक्यार्थमवगच्छामि ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : हे भगवन् विरुद्ध होने के कारण आपके वाक्यार्थ का समझमें आना बड़ा
कठिन है। अब तक भी मैं आपके वाक्यार्थ को नहीं समझ सका हूँ