Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 40, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
इह काश्चिन्महामोहा भूतानां जातयः स्थिताः ।
काश्चिदभ्युदितज्ञानाःकाश्चिन्मध्ये स्खलन्ति हि ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
उसमें शास्त्र के अधिकारी दुर्लभ हैं, यह दशनि के लिए जीवों का तीन प्रकार से विभाग करते हैं।
इन लोकों में कुछ भूतजातियाँ महामोह से युक्त हैं कुछ आत्मज्ञान को प्राप्त है, जैसे सनकादि ।
मध्य की दशाओं मँ स्थित कुछ जीवजातिर्यो मोक्ष के लिए प्रयत्न करती हुई भी दृढ़ वैराग्य न होने के
कारण बार-बार विघ्नो द्वारा ब्रह्मपद से पतित होती हैं