Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 12
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 40, verse 12 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
भुवि संबध्यमानानां यान्त्येनामुपदेश्यताम् ।
सर्वासां भूतजातीनां या एता नरजातयः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
शास्त्र के अधिकार का प्रयोजक वैराग्य कहाँ सुलभ है ? उसको कहते है ।
पृथिवी में सम्बन्ध रखनेवाली सभी प्राणिजातियों मे ये भारत वर्ष मेँ रहनेवाली जो नर जातिर्यो है,
वे ही आत्मज्ञान के उपदेश के योग्य हैं