Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 40, Verse 29
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 40, verse 29 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 40 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
ब्रह्म चिद्ब्रह्म च मनो ब्रह्म विज्ञानवस्तु च ।
ब्रह्मार्थो ब्रह्म शब्दश्च ब्रह्म चिद्ब्रह्म धातवः ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्म ही प्रत्यगात्मा है, ब्रह्म ही मन है, विविध प्रकार की बुद्धिवृत्तियाँ भी ब्रह्म ही
है, ब्रह्म ही पदार्थ है, ब्रह्म ही शब्द है, ब्रह्म ही ईश्वर है या साक्षी चेतन है या पदार्थानुभूति है, सब विषय
भी ब्रह्म ही है