Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 28
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 41, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
व्यवहारार्थमुत्पन्ना व्यतिरिक्ता च नात्मनः ।
अनेन व्यवहारेण विनैताः शास्त्रदृष्टयः ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
इस व्यवहार
के बिना ये शास्त्रदृष्टियाँ तन्तुहीन पट की भाँति स्थिति को प्राप्त नहीं होती