Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 23
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 43, verse 23 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
केचित्प्रबुद्धमतयः केचिज्जडतराशयाः ।
केचिज्ज्ञानोपदेष्टारः केचिदात्तसमाधयः ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
किन्हीं लोगों की बुद्धि अत्यन्त प्रबुद्ध है, ते किन्हीं का हृदय अत्यन्त जड है।
कोई ज्ञान का उपदेश देनेवाले हैं, तो किन्हीं ने समाधि ले रक्खी है