Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 43, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
आशापाशशताबद्धा वासनाभावधारिणः ।
कायात्कायमुपायान्ति वृक्षात्वृक्षमिवाण्डजाः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
सैकड़ों आशारूप फन्दों से बँधे हुए, तथा वासनारूप भावी देहों को
धारण करनेवाले जीव जैसे पक्षी एक वृक्ष से दूसरे वृक्ष पर जाते हैं वैसे ही एक शरीर से दूसरे शरीर में
जाते हैँ