Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 45, Verse 25
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 45, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 45 · श्लोक 25
संस्कृत श्लोक
दृश्यमानमहाभोगं गृह्यमाणमवस्तुकम् ।
कोशमाशाभुजङ्गानां संसाराडम्बरं त्यज ॥ २५ ॥
हिन्दी अर्थ
दृश्यमान अवस्थावाला बहुत विस्तीर्ण अतएव रमणीय-सा वस्तुतः तुच्छ आशारूपी सर्पो का बिलरूप
इस संसाराडम्बर का त्याग कीजिये