Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 45, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 45, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 45 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
सर्वशक्तिधरे देवे का नाम ननु शक्तयः ।
न संभवन्त्याश्रियन्ते याभिरन्तर्मनोगुहाः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जिन शक्तियों से मन रूपी गुहाएँ अन्दर प्राप्त नहीं
होती, वे शक्तियाँ सर्वशक्तिशाली जगदीश्वर में भी कोई हो सकती हैं ?