Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 47, Verse 9

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 47, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

कदाचित्पद्मजो ब्रह्मा कदाचित्सलिलोद्भवः । अण्डोद्भवः कदाचित्तु कदाचिज्जायतेऽम्बरात् ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

ब्रह्मा आदि के आविर्भाव स्थान भी अनियत है, ऐसा कहते हैं। कभी (पादकल्प में) ब्रह्मा कमल से उत्पन्न होते हैं, किसी कल्प में जल से उत्पन्न होते हैं, कभी अण्ड से उत्पन्न होते हैं और कभी आकाश से उत्पन्न होते हैं