Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 47, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 47, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
कदाचित्सृष्टयः शार्व्यः कदाचित्पद्मजोद्भवाः ।
कदाचिदपि वैष्णव्यः कदाचिन्मुनिनिर्मिताः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
कभी शंकरपूर्वक सृष्टियाँ होती है, कभी प्रथम उत्पन्न
हुए ब्रह्मा से सृष्टियाँ होती है, कभी विष्णुपूर्वक सृष्टियाँ होती हैं, कभी मुनि द्वारा निर्मित ( ४५) सृष्टियाँ
होती है