Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 48, Verse 18

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 48, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

श्रीवसिष्ठ उवाच । शरलोमेति विख्यातः पिता तस्य बभूव ह । रामाऽपर इव ब्रह्मा तस्मिन्नेवावसद्गिरौ ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीवसिष्ठजी ने कहा : हे श्रीरामचन्द्रजी, शरलोमा नाम से विख्यात उनके पिता थे, वे दूसरे ब्रह्मा के सदुश थे, उसी पर्वत पर निवास करते थे