Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 48, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 48, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
तस्यासावेकपुत्रोऽभूत्कचो देवगुरोरिव ।
तेन सार्धं स पुत्रेण नीतवाञ्जीवितं वने ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
देवगुरु बृहस्पति के पुत्र कच की तरह
उनके यह एक पुत्र हुआ | उस पुत्र के साथ उन्होंने वन में सारी आयु व्यतीत की