Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 48, Verse 40
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 48, verse 40 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
भगवन् भूतपूर्णाया भुवः पावनमण्डलम् ।
नाप्नोमि तेन वृक्षाणामुपरि स्थितिरस्तु मे ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, प्राणियों से चारों ओर ठसाठस भरी हुई पृथिवी पर पवित्र प्रदेश मुझे कहीं नहीं दिखाई
दिया । इसलिए वृक्षों के ऊपर मेरी स्थिति हो