Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 49, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 49, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
कपिञ्जलकुलालापैः कलकोकिलकूजितैः ।
जीवंजीवविरावैश्च प्रगायन्तमिवोच्छ्रितैः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
कपिंजल नामक पक्षियों के जोर
के चह-चहानेसे, कोकिलो के मधुर गुंजन से और चकोरों की दीर्घ ध्वनियां से मानों वह गा रहा था