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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 52, Verse 4

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 52, verse 4 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 4

संस्कृत श्लोक

शृणु पुत्र महाबुद्धे वस्तुतोऽस्य समामिमाम् । वर्णयामि महाश्चर्यामेकामाख्यायिकां तव ॥ ४ ॥

हिन्दी अर्थ

हे महामते, हे पुत्र, सुनो, इस संसार की उपमानरूप इस एक आश्चर्यमयी आख्याकिया को मैं आपसे कहता हूँ