Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 53, Verse 2
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 53, verse 2 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 2
संस्कृत श्लोक
पुत्र उवाच ।
कोऽसौ खोत्थ इति ख्यातो भूपस्तातोत्तमाकृतिः ।
कथितं च किमेतन्मे त्वयेति ब्रूहि तत्त्वतः ॥ २ ॥
हिन्दी अर्थ
हे तात,
खोत्थनाम से प्रख्यात उत्तम आकृतिवाला कौन-सा वह राजा है ? आपने मुझसे यह क्या कहा ? इसे
आप यथार्थरूप से कहिए