Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 6, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
एते ते यमचन्द्रेन्द्रसूर्यानलजलानिलाः ।
लोकपालास्तनुद्योतकीर्णदीप्तानलार्चिषः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
ये यम, चन्द्र, इन्द्र, सूर्य, अग्नि,
जल ओर वायु लोकपाल हैं, इन्होंने अपने शरीर की कान्ति से चारों ओर दीप्त अग्नि की ज्वालाएँ फैला
रक्खी हे