Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 7
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 6, verse 7 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
इयं सा कनकाम्भोजचलद्वैरिञ्चसारसा ।
मन्दाकिनीतटोद्यानविश्रान्तसुरनायका ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
यह मन्दाकिनी है, इसके स्वर्णमय कमलों पर ब्रह्माजी के हंस ओर सारस घूम
रहे हैं, तीर के उद्याना मे मुख्य-मुख्य देवगण विश्राम ले रहे हैं