Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 6, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
ऐरावणकटामोदविरक्तमधुपश्रुताः ।
इमास्ताः काकलीगीता गीर्वाणगणगीतयः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
ऐरावत के कपोलों के मदजल की अतिसुगन्धि में भी आसक्तिरहित हुए
(मदजल तक का त्याग करके) भँवरों द्वारा सुने गए, अत्यन्त मधुर ओर अस्पष्टध्वनि से गाये गये, ये
देवताओं के गीत है