Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 7, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
पलाशेष्विव पद्मिन्या धारा इव पयोमुचः ।
सा बभूवस्मरोद्भूता लोलालिवलयाकुला ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
कामदेव से कम्पित तथा भवर के तुल्य चंचलकंकणों से युक्त वह मन्द-मन्द
वायु से हिलाई गई भँवरों से व्याप्त मंजरी के सदुश हुई