Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 7, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
विवेश भार्गवस्तत्र क्षीरोद इव माधवः ।
सा कराववलम्ब्यास्य विवेशावनतानना ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
वह सुन्दरी भी
भृगुपुत्र के हाथों को पकड़कर वहाँ पर प्रविष्ट हुई । मारे लज्जा के नतवदन वह सुन्दरी एेरावत के हृदय
में लगी हुई पद्मिनीके समान सुशोभित हुई