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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 28

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 8, verse 28 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 28

संस्कृत श्लोक

समङ्गाया महानद्यास्तटमासाद्य तापसः । तपस्तेपे महाबुद्धिः स राम विगतज्वरः ॥ २८ ॥

हिन्दी अर्थ

हे श्रीरामजी, शान्ति आदि से राग आदिसन्तापों का निरास कर चुके उस महामति तपस्वी ने समंगा नाम की महानदी के तट पर पहुँचकर तपस्या की