Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 5
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के स्थिति प्रकरण, सर्ग 8, verse 5 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 5
संस्कृत श्लोक
चारुचैत्ररथोद्यानलतालोलासुदोलया ।
चिरं विलसितं व्यग्रैः सह विद्याधरीगणैः ॥ ५ ॥
हिन्दी अर्थ
झूला झूलने के लिए व्यग्र हुई विद्याधरियों के साथ कुबेर के मनोहर चैत्ररथ
नामक उद्यान में लीला के लिए लताओंसे बने हुए सुन्दर ज्जूले से चिरकाल तक क्रीडा की